कुछ महत्वपूर्ण फासले जो किसानो की आमदनी को बढ़ावा देती हें


परिचय- कुछ फसलों की खेती से किसानों को हो रही जबरदस्त कमाई, सरकार भी करती है प्रोत्साहित, आप भी आजमाइए कृषि के क्षेत्र में आपार संभावनाएं हैं अगर किसान पारंपरिक फसलों के साथ ही प्रयोग के तौर पर अन्य फसलों या पौधों की खती करें तो उनकी कमाई कई गुना तक बढ़ सकती है।

किसानों के हित में योजनाएं बन रही हैं और उनका लागत कम कर के मुनाफा बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा हैI इसी कड़ी में पारंपरिक फसलों से हटकर नई फसलों की खेती को सरकार प्रोत्साहित कर रही है। औषधीय पौधों की खेती की तरफ किसानों को लाने के लिए काम हो रहा हैI केंद्र और राज्य सरकार की तमाम एजेंसियां किसानों तक पहुंचकर जानकारी दे रही हैंI खेती करने वाले किसानों का उदाहरण देकर उन्हें इससे जोड़ा जा रहा हैI पारंपरिक फसलों के मुकाबले मुनाफा ज्यादा होने के नाते तेजी से किसान इन फसलों की तरफ रुख कर रहे हैंI अगर आप भी औषधीय पौधों की खती करना चाहते हैं तो हम आपको कुछ फसलो के बारे में जानकारी दे रहे हैं जो निम्न प्रकार हें-
1. सहजन को अंग्रेजी में ड्रम स्टिक कहते हैं सहजन सब्जी बनाने से लेकर दवाओं के निर्माण तक में इस्तेमाल होता है. भारत के ज्यादातर हिस्से में इसकी बागवानी आसानी से की जा सकती है. एक बार पौधा लगा देने से कई सालों तक आप इससे सहजन प्राप्त कर सकते हैं. इसके पत्ते, छाल और जड़ तक का आयुर्वेद में इस्तेमाल होता है. 90 तरह के मल्टी विटामिन्स, 45 तरह के एंटी ऑक्सीडेंट गुण और 17 प्रकार के एमिनो एसिड होने के कारण सहजन की मांग हमेशा बनी रहती है. सबसे खास बात है कि इसकी खेती में लागत न के बराबर आती है।

2. एलोविरा आमतौर पर शुष्क क्षेत्र में न्यूनतम वर्षा और गर्म आर्द्र क्षेत्र में सफलतापूर्वक की जाती है। यह पौधा अत्यधिक ठंड की स्थिति के प्रति बहुत संवेदनशील है। बात करें इसके लिए मिट्टी या भूमि की तो इसकी खेती रेतीली से लेकर दोमट मिट्टी तक विभिन्न प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है। एलोवेरा का रस बवासीर, डायबिटीज और पेट की परेशानियों से निजात दिलाने में मदद करता है. एलोवेरा से मुहांसे, रूखी त्वचा, झुर्रियां, चेहरे के दाग धब्बों और आखों के काले घेरों को दूर किया जा सकता हैI एलोवेरा गंजेपन को भी दूर करने की ताकत रखता हैI एलोवेरा का जूस पीने से कब्ज की बीमारी दूर होती है।

3. गुलाब एक भारतीय पुष्प है। पूरे भारत में गुलाब के पौधे पाए जाते हैं। गुलाब का वैज्ञानिक नाम रोजा हाइब्रिडा है। देशी गुलाब लाल रंग का होता है। परन्तु कलम करके कई रंगो के गुलाब उगाए जाते हैं। गुलाब एक ऐसा फूल है, जिसके बारे में सब जानते हैं। गुलाब का फूल दिखने में जितना अधिक सुन्दर होता है। उससे कहीं ज़्यादा उसमें औषधीय गुण होते हैं। यह सबसे पुराना सुगन्धित पुष्प है, जो मनुष्य के द्वारा उगाया जाता था। इसके विभिन्न प्रकार के सुन्दर फूल जो कि आर्कषक, आकृति, विभिन्न आकार, मन को लुभाने वाले रंगों और अपने विभिन्न उपयोगिताओं के कारण एक महत्त्वपूर्ण पुष्प माना जाता है।
अन्य फसले जिनसे आय में अच्छी वृद्दी होने की पूर्ण सम्भावना होती हे जिनकी बाजार में अच्छी मांग भी हें निम्न प्रकार से हें – कटहल, शिमला मिर्च, अश्वगंधा, सफेदमुसली आदि।

Mr. Brahmanand Bairwa, Assistant Professor, School of Agriculture Sciences, Career Point University, Kota

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