बीजामृत से करे बीज उपचार


बीजामृत एक अत्यधिक प्रभावशाली जैविक खाद है जो बीजों का शीघ्र व अघिक संख्या में अंकुरण करने एवं पौधों की जड़ों के जमाव में सहायता करता है और मृदा जनित रोगाणुओं से अंकुरित बीज एवं अंकुर तथा पौधों की जड़ों की सुरक्षा करता है | बीजामृत से बीजों को बीज व मृदा के द्वारा होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए उपचार करते है जिससे फसल की वृद्धि और उत्पादन बढता है |

बीजामृत के लिए सामग्री :-
1. पानी की मात्रा – 20 लीटर
2. देशी गाय का गोबर – 5 किलो
3. गोमूत्र – 5 लीटर
4. बुझा हुआ चूना – 100 ग्राम
5. उपजाऊ खेत की मृदा – 1 किलो

बीजामृत बनाने की विधि :-
सर्वप्रथम एक बर्तन में 20 लीटर पानी लेते है | उसके बाद 5 किलो देशी गाय के गोबर को एक कपडें में लेकर पोटली बना लेते है | इस गोबर की पोटली को 12 घंटे के लिए पानी के बर्तन में इस प्रकार लटका देते है की पोटली पानी में डूबी रहे | 12 घंटे बाद गोबर की पोटली को निकाल कर अच्छी तरह निचोड़ लेते है ताकि उसका पूरा रस पानी में आ जावें | उसके बाद इस गोबर पानी के घोल में 5 लीटर गोमूत्र व 1 किलो उपजाऊ खेत की मृदा मिलाकर अच्छी तरह लकडी से हिलाते है सबसे बाद में चूना को पहले पानी में घोलकर इस घोल में मिला देते है और लकडी की सहायता से हिलाते हुए मिला देते है | बीजामृत तैयार है इसको ढककर छायादार स्थान पर रखे |

बीजामृत के प्रयोग की विधि :-
बीजामृत तैयार करने के बाद इसको बोये जाने वाले बीजों पर छिडकाव करे या बीजों को बीजामृत के घोल में कुछ देर (10 से 15 मिनट ) के लिए डुबोकर रखे तथा उसके बाद बीजों को छाया में सुखाकर तुरंत बुवाई करें |

बीजामृत से बीज उपचार के फायदे :-
1. बीज जल्दी और अधिक संख्या में उगते है |
2. मृदा और बीज जनित बीमारियों से बचाव होता है |
3. पौधों की जड़ों एवं तनों का विकास अधिक होता है |
4. बीजों का अंकुरण व पौधों की जड़ों का जमाव बहुत अच्छा व शीघ्र होता है |

सावधानियां :-
1. बीज को बीजामृत से उपचार करने के 1 घंटे बाद ही बुवाई करें |
2. चूना बुझा हुआ होना चाहिए खाने वाला चूना भी काम में लें सकतें है |
3. चूना को पहले पानी में घोलकर सबसे बाद में मिलाना चाहिए |

Mr. Himanshu Sharma, II Year – M.Sc., Department of Agronomy, School of Agricultural Sciences, Career Point University, Kota

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *